ऋषि शब्द का अर्थ
ऋषि शब्द “ऋष्” धातु से बना है, जिसका अर्थ है देखना, जानना या अनुभव करना।
ऋषि वे होते हैं जिन्होंने सत्य को केवल पढ़ा नहीं, बल्कि उसे प्रत्यक्ष अनुभव किया।
वैदिक परंपरा में ऋषि
वैदिक परंपरा में ऋषि ज्ञान के द्रष्टा माने जाते हैं।
वेदों के मंत्र ऋषियों द्वारा रचित नहीं, बल्कि दृष्ट (अनुभूत) किए गए माने जाते हैं।
ऋषि और ज्ञान
ऋषि का ज्ञान तप, साधना और आत्मअनुशासन से उत्पन्न होता है।
इस ज्ञान का उद्देश्य व्यक्तिगत मोक्ष के साथ समाज का कल्याण भी है।
ऋषि परंपरा का महत्व
ऋषि परंपरा भारतीय दर्शन और संस्कृति की आधारशिला है।
यही परंपरा वेद, उपनिषद और वैदिक जीवन दृष्टि को आगे बढ़ाती है।