परिचय
गर्भाधान संस्कार वैदिक जीवन का प्रथम संस्कार माना जाता है।
उद्देश्य
इसका उद्देश्य स्वस्थ, संस्कारित और संतुलित संतान की प्राप्ति है।
वैदिक दृष्टि
वेदों में संतानोत्पत्ति को उत्तरदायित्व से जोड़ा गया है।
महत्व
यह संस्कार परिवार और समाज दोनों के लिए आधार बनता है।