अपौरुषेय का अर्थ
अपौरुषेय का अर्थ है — जो किसी पुरुष द्वारा रचित न हो।
वैदिक मान्यता
वेदों को ऋषियों द्वारा सुना या अनुभूत किया गया माना जाता है, न कि लिखा गया।
ऋषियों की भूमिका
ऋषि वेदों के रचयिता नहीं, बल्कि द्रष्टा माने जाते हैं।
महत्व
इस मान्यता के कारण वेदों को दिव्य और शाश्वत माना गया है।