संस्कार क्या होते हैं? – वैदिक दृष्टि से

संस्कार का अर्थ

संस्कार शब्द “सम् + कृ” धातु से बना है, जिसका अर्थ है परिष्कार या शुद्धि।
संस्कार मनुष्य के जीवन को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से परिष्कृत करने की प्रक्रिया है।

वैदिक परंपरा में संस्कार

वैदिक जीवन पद्धति में संस्कारों का उद्देश्य व्यक्ति को अनुशासन, सदाचार और आत्मिक विकास की ओर ले जाना है।
संस्कार जीवन को दिशा देने वाले चरण माने गए हैं।

संस्कारों की आवश्यकता

संस्कार व्यक्ति के विचार, आचरण और कर्तव्यबोध को विकसित करते हैं।
ये समाज में संतुलन और नैतिकता बनाए रखने में सहायक होते हैं।

संस्कार और जीवन मूल्य

संस्कारों के माध्यम से सत्य, संयम, सेवा और कर्तव्य जैसे मूल्य जीवन में स्थापित होते हैं।

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