वेद अपौरुषेय क्यों कहलाते हैं?

अपौरुषेय का अर्थ

अपौरुषेय का अर्थ है — जो किसी पुरुष द्वारा रचित न हो।

वैदिक मान्यता

वेदों को ऋषियों द्वारा सुना या अनुभूत किया गया माना जाता है, न कि लिखा गया।

ऋषियों की भूमिका

ऋषि वेदों के रचयिता नहीं, बल्कि द्रष्टा माने जाते हैं।

महत्व

इस मान्यता के कारण वेदों को दिव्य और शाश्वत माना गया है।

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