यज्ञ का अर्थ
यज्ञ वैदिक परंपरा की एक मूल अवधारणा है। इसका अर्थ केवल अग्नि में आहुति देना नहीं, बल्कि कर्तव्य, समर्पण और लोककल्याण की भावना से जुड़ा हुआ कर्म है।
वैदिक दृष्टि में यज्ञ
वेदों में यज्ञ को जीवन-व्यवस्था का केंद्र माना गया है। यज्ञ के माध्यम से मनुष्य प्रकृति और समाज के साथ संतुलन बनाता है।
यज्ञ का उद्देश्य
यज्ञ का उद्देश्य आत्मशुद्धि, सामाजिक कल्याण और पर्यावरण संतुलन है।
महत्व
यज्ञ वैदिक जीवन-पद्धति की आधारशिला है।