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सप्तऋषि का परिचय

सप्तऋषि कौन हैं? वैदिक परंपरा में सात प्रमुख ऋषियों को सप्तऋषि कहा गया है।ये ऋषि ज्ञान, धर्म और तप के प्रतीक माने जाते हैं। सप्तऋषियों के नाम सप्तऋषियों की भूमिका सप्तऋषियों ने वैदिक ज्ञान को संरक्षित और प्रसारित किया।इन्हें समाज…

ऋषि कौन होते हैं? – वैदिक परंपरा में अर्थ

ऋषि शब्द का अर्थ ऋषि शब्द “ऋष्” धातु से बना है, जिसका अर्थ है देखना, जानना या अनुभव करना।ऋषि वे होते हैं जिन्होंने सत्य को केवल पढ़ा नहीं, बल्कि उसे प्रत्यक्ष अनुभव किया। वैदिक परंपरा में ऋषि वैदिक परंपरा में…

सोलह संस्कारों का संक्षिप्त परिचय

सोलह संस्कार क्या हैं? वैदिक परंपरा में मानव जीवन को सोलह संस्कारों द्वारा संस्कारित किया जाता है।ये संस्कार जन्म से लेकर मृत्यु तक जीवन के विभिन्न चरणों को दर्शाते हैं। सोलह संस्कारों की सूची संस्कारों का उद्देश्य इन संस्कारों का…

संस्कार क्या होते हैं? – वैदिक दृष्टि से

संस्कार का अर्थ संस्कार शब्द “सम् + कृ” धातु से बना है, जिसका अर्थ है परिष्कार या शुद्धि।संस्कार मनुष्य के जीवन को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से परिष्कृत करने की प्रक्रिया है। वैदिक परंपरा में संस्कार वैदिक जीवन पद्धति…

गायत्री मंत्र का वैदिक अर्थ

गायत्री मंत्र क्या है? गायत्री मंत्र वैदिक साहित्य का सबसे प्रसिद्ध मंत्र है।यह ऋग्वेद में प्राप्त होता है और सूर्य (सविता) की उपासना से संबंधित है। गायत्री मंत्र का पाठ ॐ भूर्भुवः स्वः।तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि।धियो यो नः प्रचोदयात्॥ गायत्री…

मंत्र क्या है? – वैदिक दृष्टि से

मंत्र का अर्थ मंत्र संस्कृत की “मन” धातु से बना है, जिसका अर्थ है मनन या चिंतन।जो ध्वनि मन को नियंत्रित करे और चेतना को ऊँचा उठाए, वही मंत्र कहलाता है। मंत्र का वैदिक स्वरूप वैदिक परंपरा में मंत्र केवल…

ऋग्वेद का परिचय

ऋग्वेद क्या है? ऋग्वेद वैदिक साहित्य का सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है।इसमें देवताओं की स्तुति के लिए रचित मंत्रों का संकलन है। ऋग्वेद का विषय ऋग्वेद के मंत्र अग्नि, इंद्र, वरुण, सोम आदि देवताओं की प्रशंसा करते हैं।इन मंत्रों…

वेद कितने हैं और उनका विषय क्या है?

वेद क्या हैं? वेद प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल ग्रंथ हैं।इनमें प्रकृति, जीवन, कर्म, उपासना और समाज से संबंधित ज्ञान संकलित है।वेदों को अपौरुषेय माना गया है, अर्थात् वे किसी एक व्यक्ति द्वारा रचित नहीं हैं। वेद कितने हैं?…

अग्नि का वैदिक महत्व

अग्नि का वैदिक परिचय अग्नि वैदिक परंपरा में केवल अग्नि तत्व नहीं, बल्कि एक देवता के रूप में प्रतिष्ठित है।ऋग्वेद का पहला मंत्र ही अग्नि की स्तुति से प्रारंभ होता है। अग्नि का प्रतीकात्मक अर्थ अग्नि ज्ञान, ऊर्जा और परिवर्तन…

यज्ञ और हवन में अंतर

यज्ञ क्या है? यज्ञ वैदिक परंपरा की एक व्यापक संकल्पना है, जिसमें देवपूजन, दान, तप और लोककल्याण की भावना निहित होती है।वेदों में यज्ञ को केवल अग्नि कर्म नहीं, बल्कि एक सामाजिक और नैतिक व्यवस्था के रूप में देखा गया…